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सोनम वांगचुक का सरकार को अल्टीमेटम, 24 घंटे में प्रदर्शनकारी रिहा नहीं हुए तो करेंगे अनशन!

CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर सोनम वांगचुक ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। रिहाई नहीं हुई तो अनशन या पदयात्रा पर विचार करेंगे।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Sonam Wangchuk: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान नेताओं की गिरफ्तारी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए हिरासत में लिए गए नेताओं को जल्द रिहा करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले 24 घंटे में प्रदर्शनकारियों को रिहा नहीं किया गया, तो वह अनशन या पदयात्रा के जरिए अपना विरोध दर्ज कराने पर विचार करेंगे।

गिरफ्तारी पर वांगचुक ने जताई चिंता

सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि उन्होंने एक दिन पहले ही प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर लोगों से शांति और एकजुटता बनाए रखने की अपील की थी। उन्हें उम्मीद थी कि आंदोलन में शामिल लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखेंगे। लेकिन प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए आगे आए कई नेताओं की गिरफ्तारी की खबर से उन्होंने चिंता जताई। वांगचुक ने मौजूदा परिस्थितियों को ‘अघोषित आपातकाल’ जैसा बताया। यह उनकी ओर से हालात पर व्यक्त की गई राजनीतिक टिप्पणी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नेता आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए आगे आए, तो उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया।

अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका का जिक्र

वांगचुक ने जिन लोगों की गिरफ्तारी पर चिंता जताई, उनमें अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका समेत CJP से जुड़े कई लोग शामिल बताए गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी हिरासत में लिए गए नेताओं को जल्द रिहा कर दिया जाएगा।

रिहाई नहीं हुई तो अनशन या पदयात्रा पर विचार

वांगचुक ने स्पष्ट किया कि यदि अगले दिन तक प्रदर्शनकारियों की रिहाई नहीं होती है, तो वह अनशन या पदयात्रा शुरू करने पर विचार कर सकते हैं। उनके इस बयान से मामले को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। हालांकि, उन्होंने इसे संभावित कदम के रूप में रखा है।

दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर बढ़ा विवाद

10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए कई स्थानों पर निगरानी बढ़ाई। इसी दौरान नेताओं की हिरासत को लेकर सवाल उठने लगे। अब सबकी नजर इस बात पर है कि हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और सोनम वांगचुक अपनी चेतावनी पर क्या फैसला लेते हैं।

ये भी पढ़ें: दिल्ली में CJP प्रदर्शन पर घमासान: केजरीवाल-ममता समेत कई नेता हिरासत में, जंतर-मंतर जाने से रोके गए प्रदर्शनकारी

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